गूगल के आर्ट प्रोजेक्ट से ऑनलाइन देख सकेंगे कला प्रदर्शनी
कोच्चि-मुजिरिस बाइनेल (केएमबी)-2012 दुनिया का पहला और एकमात्र बाइनेल बन गया है, जिसे गूगल कला परियोजना के जरिये संग्रहित किया गया है और जिसे डिजिटल स्वरूप दिया गया है। अब तक गूगल कला परियोजना का केवल संग्रहालयों और अन्य स्थायी प्रदर्शनियों के साथ ही सहयोग होता था। गूगल कला परियोजना के तहत गूगल और दुनिया के बेहतरीन और सबसे उच्च स्तर पर प्रशंसित कुछ कला संस्थानों के बीच सहयोग है, जिसमें वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस का संग्रहालय, पेरिस स्थित मुसी डी'ओरसे और मुसी डु लौवर और लंदन में नेशनल गैलरी जैसे संग्रहालय ही शामिल हैं।
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कोच्चि-मुजिरिस बाइनेल के निदेशक और पहले संस्करण के सह क्यूरेटर बोस कृष्णमाचारी ने कहा, यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह सोचना ही अपने आप में विस्मयकारी है कि आज से 20 साल बाद भी कोई व्यक्ति 2012 में हुए बाइनेल को वास्तव में अनुभव कर सकता है।
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केएमबी के पहले संस्करण में 23 देशों के 89 कलाकारों की कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया और लगभग 4 लाख लोगों ने इसे देखा। आरंभ में इस प्रदर्शनी को 13 मार्च तक ही जारी रखने की योजना थी, लेकिन आम लोगों की मांग के कारण इसे 17 मार्च तक बढ़ा दिया गया था।
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बाइनेल के कार्यकारी निदेशक और डिजिटल विकास के प्रभारी श्वेतल पटेल ने कहा, "यह एक जबर्दस्त प्रौद्योगिकी उपलब्धि है। गूगल कला परियोजना पर बाइनेल की तरह की प्रदर्शनी का मिल पाना एक बड़ी चुनौती थी। इससे पहले ऐसी कोशिश कभी नहीं की गयी। हममें से हर व्यक्ति को गूगल के काम करने और इसे संभव बना पाने पर गर्व है।
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गूगल कला परियोजना के प्रमुख अमित शाह कहते हैं, "मैं इस बात से काफी खुश हूं कि भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय कला का उत्कृष्ट संग्रह माने जाने वाले भारत के अब तक के पहले बाइनेल ने सांस्कृतिक संस्थान के साथ हाथ मिलाते हुए इस प्रदर्शनी को विश्व भर के कला प्रेमियों के समक्ष प्रस्तुत किया है। मैं भारत में ही पल कर बड़ा हुआ। इस ऐतिहासिक शहर की गलियों में भटकना मुझे अच्छा लगता है और ऐसे में मेरे लिये यह देखना खास है कि किस तरह मौलिक एवं आकर्षक तरीके से इन गलियों में कला को संजोया गया है।"


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