हर रिस्क लेने में माहिर हैं इंडियन, वजह है फ्री Wi-Fi
सॉफ्टवेयर सिक्युरिटी फर्म नॉर्टन की रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडिया में अच्छी इंटरनेट स्पीड आज भी एक बड़ा सवाल है।
इंडिया तकनीकी रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है और 2जी, 3जी के बाद 4जी तक का सफर तय कर लिया है। भारत को अब 5जी का इंतजार है और इसके पहले इंडियन इंटरनेट यूजर्स के बारे में एक दिलचस्प रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट की माने तो इंडियन रिस्क लेने में माहिर हैं और उनके रिस्क लेने की वजह है फ्री वाईफाई।
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नॉर्टन ने जारी की रिपोर्ट-
सॉफ्टवेयर सिक्युरिटी फर्म नॉर्टन की रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडिया में अच्छी इंटरनेट स्पीड आज भी एक बड़ा सवाल है। जहां एक तरफ देश फाइवजी लाने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा आज भी इंटनेट और वाईफाई से दूर है।
73% इंडियन ले सकते हैं रिस्क-
रिपोर्ट में कहा गया कि फ्री वाईफाई के लिए करीब 73% इंडियन अपनी निजी जानकारी शेयर कर सकते हैं। अच्छी स्पीड के साथ फ्री वाईफाई के लिए उन्हें ये रिस्क लेने में कोई गुरेज नहीं है।
फ्री वाईफाई है बहुत खास-
रिपोर्ट में कहा गया है कि लोगों के लिए फ्री वाईफाई अब चुनने वाली जरूरी सुविधा में से एक बन गया है। करीब 82% लोग वाईफाई सर्विस से लैस होटल, 67% वाईफाई से लैस ट्रांसपोर्ट सर्विस, 64% वाईफाई लैस प्लेन सर्विस और 62% लोग रेस्टोरेंट सर्च करने के दौरान वाईफाई रेस्टोरेंट्स को प्राथमिकता देते हैं।
कुछ मिनट का इंतजार है भारी-
रिपोर्ट के हवाले से कहा गया कि 51 प्रतिशत इंडियन इंटरनेट यूजर्स ने माना कि वह फ्री वाईफाई से अपना स्मार्टफोन कनेक्ट करने से खुद को कुछ मिनट भी नहीं रोक पाते हैं।
ईमेल-कॉन्टेक्ट्स कर सकते हैं शेयर-
करीब 19 प्रतिशत लोगों ने माना कि फ्री वाईफाई के लिए वह अपने निजी मेल और कॉन्टेक्ट शेयर कर सकते हैं।
निजी तस्वीरों से ज्यादा खास है वाईफाई-
22 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह फ्री वाईफाई के लिए अपनी निजी तस्वीरों को भी ऐक्सेस करने की परमीशन दे सकते हैं।
फ्री वाईफाई और विज्ञापन-
करीब 35 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह फ्री वाईफाई के लिए तीन मिनट तक का विज्ञापन वीडियो भी देख सकते हैं।
क्या सोचते हैं यूजर्स-
रिपोर्ट में कहा गया कि लगभग 74 परसेंट यूजर्स सोचते हैं कि फ्री वाईफाई सर्विस यूज करने के दौरान उनकी निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित है।
1000 लोगों पर बेस्ड सर्वे-
नॉर्टन कंपनी का ये सर्वे करीब 15000 लोगों और 15 देशों पर बेस्ड है। भारत में करीब 1000 लोगों पर सर्वे किया गया था।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट-
सिमेंटेक कंज्यूमर बिज़नेस यूनिट के कंट्री मैनेजर रितेश चोपड़ा के मुताबिक, सायबर क्रिमिनल्स फ्री वाईफाई या कमजोर सिक्युरिटी ऐप के जरिए आपके स्मार्टफोन, लैपटॉप को सैकेंड्स में हैक कर सकते हैं।


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