अब पोर्न साइट पर यूजर्स को साबित करनी होगी उम्र !
यूके में ये नियम चाइल्ड प्रोटेक्शन के चलते लागू किया जा रहा है। इस नियम में यूजर को क्रेडिट कार्ड या इलेक्ट्रोलर रजिस्टर के जरिए अपनी उम्र साबित करनी होगी।
पोर्न कंटेंट रखने वाली सभी वेबसाइट के लिए यूके में एक नया नियम लागू किया गया है। अब इन वेबसाइट पर यूजर्स का उम्र सत्यापन यानी एज वेरिफिकेशन होना जरूरी है। सरकार का ये फैसला 18 साल से कम उम्र के युवाओं को इन साइट से दूर रखने के लिए लागू किया गया है। अब इस तरह की वीडियो सिर्फ 18 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोग ही देख सकेंगे। इसके साथ ही ये भी ऐलान किया गया है कि जो साइट इस एज वेरिफिकेशन नहीं करेंगी उन्हें पूरी तरह ब्लॉक कर दिया जाएगा।
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अंडर 18 यूजर्स-
बता दें कि ये सारी कवायत उन यूजर्स के लिए है, जो 18 साल से कम उम्र के हैं और ऐसी साइट पर पहुंच सकते हैं। पोर्न वेबसाइट पर लागू इन नए नियम के तहत 18 साल से कम उम्र के लोग इस तरह का कंटेंट नहीं देख सकेंगे। बता दें कि यूके में बड़ी संख्या में बच्चे हर रोज इस तरह की वेबसाइट एक्सेस करते हैं।
एज वेरिफिकेशन सॉफ्टवेयर-
इस नए लॉ में सेक्स वेबसाइट को यूजर्स ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए सॉफ्टवेयर यूज करना होगा, जो यूजर्स की उम्र वेरिफाई कर सके। रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर की उम्र क्रेडिट कार्ड के जरिए वेरिफाई की जा सकती है। बता दें कि गेमबलिंग वेबसाइट भी अंडर 18 यूजर को दूर रखने के लिए एज वेरिफिकेशन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती हैं।
फेक वेबसाइट से रहना होगा सावधान-
अब सवाल ये आता है कि मौजूदा समय में ढेरों ऐसी वेबसाइट हैं, जो फेक हैं या फिर उनकी विश्वसनीयता जांचने के लिए कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में अगर यूजर अपने क्रेडिट कार्ड डिटेल्स देता है, तो उन डिटेल्स के जरिए उसे नुकसान पहुंचाया जा सकता है। ऐसे में चुनाव रजिस्टर के जरिए एज वेरिफाई करना ज्यादा उचित विकल्प होगा।
लीक हो सकती है जानकारी-
यहां एक सवाल और सामने आ रहा है कि डिटेल्स देने के बाद आप जो भी सर्च करेंगे वह डेटा रिकॉर्ड होगा। आप किस तरह का पोर्न कंटेंट कितने समय तक देख रहें डेटा लीक होने पर आपको नुकसान हो सकता है।
ब्लॉक होंगी वेबसाइट-
यूके में इन नए नियम के तहत सभी पोर्न वेबसाइट को अप्रैल 2018 तक यूजर एज वेरिफिकेशन शुरू करना होगा। जो वेबसाइट ऐसा नहीं करेंगी उन्हें पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया जाएगा।
इंडिया में नहीं है संभव-
बता दें कि फिलहाल इस तरह का नियम इंडिया में वेबसाइट पर लागू होना संभव नहीं है। इसके पीछे कारण ये है कि यहां डेटा सिक्युरिटी काफी वीक है और यूजर के क्रेडिट कार्ड डिटेल्स देने पर डेटा लीक कर उसे नुकसान पहुंचाया जा सकता है।


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