क्या आपको भी ऑनलाइन शॉपिंग की लत लग गई है ?
देश में ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बढ़ता जा रहा है। ई-कॉमर्स कारोबार का देश में 2013 में 80 फीसदी से अधिक विस्तार हुआ है। देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के संस्थापकों का मानना है कि यह विस्तार अगले कम से कम पांच-छह सालों तक जारी रहेगा। फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन बंसल ने कहा कि देश में ई-कॉमर्स कारोबार 2020 तक बढ़त के साथ करीब 50-70 अरब डॉलर का हो जाएगा।
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केपीएमजी और इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) की साझा रिपोर्ट के मुताबिक देश में ई-कॉमर्स बाजार का आकार 2013 में 13 अरब डॉलर का था। बंसल के अनुसार उपभोक्ताओं की मानसिकता और खरीदारी का तरीका तेजी से बदल रहा है। अगले पांच-छह साल में ऑनलाइन शॉपिंग खरीदारी का प्रमुख रूप बन जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षो में स्मार्टफोन से भी ई-खरीदारी की रफ्तार बढ़ेगी।
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बंसल ने कहा कि छोटे शहरों में ई-खरीदारी का काफी तेजी से विस्तार होगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली के पूर्व छात्र सचिन और बिन्नी बंसल ने 2007 में फ्लिपकार्ट स्थापित की थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने देश में एक-तिहाई ऑनलाइन शॉपिंग बाजार पर कब्जा कर लिया है और एक करोड़ से अधिक उसके सक्रिय उपयोगकर्ता हैं।
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बिन्नी बंसल ने कहा, "2020 तक हमारा लक्ष्य 20 अरब डॉलर की कंपनी बनने का है। हम प्रौद्योगिकी पर काफी खर्च कर रहे हैं।" सचिन बंसल ने कहा कि समान वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) लागू किए जाने से ई-कॉमर्स कारोबार को काफी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, "अभी बिक्रेता के लिए भारत में उत्पाद भेजना कठिन है क्योंकि हर राज्य में कर अलग-अलग है और इसकी गणना भी अलग-अलग तरीके से की जाती है।" उन्होंने कहा कि जीएसटी से उद्योग को काफी लाभ मिलेगा। बंसल ने हालांकि कहा कि देश में ई-कॉमर्स अभी भी शैशवावस्था में है। देश में अभी सिर्फ करीब 12 फीसदी लोग ही ऑनलाइन लेन-देन करते हैं। अमेरिका में 64 फीसदी लोग ऑनलाइन लेन-देन करते हैं।


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