स्मार्टफोन यूज करते हैं, तो जरूर जान लें क्या है LeakerLocker!
प्लेस्टोर पर मौजूद कुछ ऐप्स को हटा लिया गया है, लेकिन इस बात की संभावना है कि अभी भी कई ऐसे ऐप्स मौजूद हों, जो यूजर्स के स्मार्टफोन को आसानी से निशाना बना सकते हैं।
पिछले कुछ समय में तेजी से रैनसमवेयर अटैक और हैकिंग की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसके जरिए कंप्यूटर को लॉक कर उसके बदले यूजर से पैसे की मांग करता है। बता दें कि अब ये हमले कम्प्यूटर सिस्टम तक ही नहीं बल्कि प्लेस्टोर के जरिए आपके स्मार्टफोन को भी निशाना बना सकते हैं। LeakerLocker मैलवेयर एक ऐसा ही प्रोग्राम है, जो आपके फोन की स्क्रिन लॉक कर देता है और इसके बदले में आपसे पैसे की मांग की जाती है।

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कैसे करता है अटैक-
LeakerLocker प्रोग्राम प्लेस्टोर पर मौजूद ऐप्स के जरिए आपके फोन में दाखिल हो जाता है। इसके बाद आपके फोन की स्क्रिन लॉक हो जाती है। इसके बाद ये आपके डेटा का बैकअप बना लेता है और उसे लीक करने की धमकी देता है, बदले में आपसे पैसे की मांग की जाती है।
लीक के बाद आता है मैसेज-
आपके फोन में मैलवेयर अटैक होने के बाद आपके पास एक मैसेज आता है, जिसमें लिखा होता है, ''आपके स्मार्टफोन का सभी डेटा हमारे सिक्योर क्लाउड पर ट्रांसफर कर दिया गया है। 72 घंटे के अंदर ये डेटा आपके टेलीफोन और ईमेल कॉन्टेक्ट्स को भेज दिया जाएगा। अगर आप ऐसा नहीं चाहते तो आपको 50 डॉलर की फिरौती देनी होगी।''
डेटा कर सकता है शेयर-
एक बार आपके फोन में ये मैलवेयर आ जाए उसके बाद फोन के डेटा को शेयर कर सकता है। इसके अलावा आपकी सर्च हिस्ट्री को भी ये प्रोग्राम लीक करने की धमकी देता है।
एचडी वॉलपेपर और बूस्टर एंड क्लीनर प्रो ऐप्स-
हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया कि प्लेस्टोर पर मौजूद ऐप एचडी वॉलपेपर और बूस्टर एंड क्लीनर प्रो ऐप्स मैलवेयर इंफेक्टेड हो सकते हैं। बेहतर होगा कि यूजर्स इन ऐप्स से बचकर रहें।
टार्गेट होता है स्मार्टफोन यूजर-
सिक्योरिटी फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक, ये मैलवेयर सभी प्राइवेट डेटा को रीड और लीक नहीं करता है, बल्कि टार्गेट यूजर का डेटा रीड कर लेता है। ये मैलवेयर ईमेल आईडी, कॉन्टेक्ट, क्रोम हिस्ट्री, टैक्स्ट मैसेज और इमेज को रीड कर लीक कर सकता है।
हजारों बार डाउनलोड हो चुके हैं इंफेक्टेड ऐप-
रिपोर्ट में कहा गया कि मैलवेयर से इंफेक्टेड वॉलपेपर ब्लर एचडी ऐप 5,000 से 10,000 बार और क्लीन प्रो ऐप 1,000 से 5,000 बार तक डाउनलोड किया जा चुका है।
रिमूव हो चुके हैं प्लेस्टोर से-
बता दें कि ये दोनों ऐप्स फिलहाल गूगल प्लेस्टोर से हटाए जा चुके हैं। लेकिन संभव है कि अभी भी प्लेस्टोर पर ऐसे कई ऐप्स मौजूद हों, जिनके मैलवेयर इंफेक्टेड होने की पुष्टि नहीं हो सकी हो। ऐसे में बेहतर हैं कि यूजर्स किसी भी ऐप को डाउनलोड करने के पहले पूरी तरह सावधान रहें।
ऐसे करें बचाव-
प्लेस्टोर पर इस समय हजारों फेक और मैलवेयर इंफेक्टेड ऐप्स मौजूद हैं। यूजर्स को उन्हीं ऐप्स को फोन में इंस्टॉल करना चाहिए, जिन्हें बड़े लेवल पर यूज किया जा रहा हो। इसके अलावा फेक ऐप और रियल ऐप में भी सावधानी से फर्क करें, क्योंकि कई बार फेक ऐप्स के नाम भी बिल्कुल रीयल ऐप्स की तरह होते हैं। साथ ही कोई भी ऐसा ऐप इंस्टॉल करने से बचें जिसका पब्लिशर बिना वेरिफेकेशन के है। किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने के बाद यूजर का डेटा और कैमरा एक्सेस की परमिशन ले लेता है। इसके बाद ये कैमरा फोन बंद होने पर भी लगातार आपको कैमरे के जरिए देखता रहता है, आप चाहे कोई भी काम कर रहे हों। ऐसे ऐप्स से सावधान रहें।


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