Dark Web में होता है आपकी निजी जानकारियों का सौदा, ऐसे लगती है कीमत

By Neha
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इंटरनेट हमारे लिए रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। आप दिनभर में कई बार इंटरनेट का इस्तेमला करते हैं, आप सर्च इंजन पर चीजें और जानकारियां सर्च करते हैं और आपके सामने रिजल्ट आ जाता है। लेकिन आप इंटरनेट की दुनिया के जिस हिस्से का इस्तेमाल करते हैं, वो सिर्फ 4 परसेंट ही है, जिसे सर्फेस वेब कहा जाता है। इसे आप, हम और आमलोग प्रयोग करते हैं।

 
Dark Web में होता है आपकी निजी जानकारियों का सौदा, ऐसे लगती है कीमत

आज हम आपको इंटरनेट की दुनिया के वो राज और जानकारियां बता रहे हैं, जिनके बारे में जानना आपके लिए काफी जरूरी है। इंटरनेट को तीन कैटेगिरी Surface web, Deep Web और Dark Web में बांटकर समझा जा सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में।

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Dark Web में होता है आपकी निजी जानकारियों का सौदा, ऐसे लगती है कीमत

Surface web- सर्फेस वेब इंटरनेट की दुनिया का दिखने वाला चेहरा होता है, जिसे हम आप और आम लोग इस्तेमाल करते हैं। इसमें आपको वही कंटेंट मिलेगा, जो इंटरनेट पर लीगल होगा। सर्फेस वेब में एक्सेस करने के लिए आपको किसी स्पेशल परमिशन की जरूरत नहीं होती है। यानी आप अभी जो आर्टीकल पढ़ रहे हैं, वो सर्फसे वेब में ही उपलब्ध है। हालांकि आपको जानकर हैरानी होगी कि पूरे इंटरनेट पर मौजूद कंटेंट का सिर्फ 4 परसेंट ही surface web है। अब आप डीप और डार्क वेब कंटेंट की मात्रा का अंदाजा लगा सकते हैं। आप वेबसाइट से सिर्फ उसी लेवल तक जा सकते हैं, जहां तक website का मालिक आपको जाने की इजाजत देता है। जैसे कि आप वेबसाइट के एडमिन एरिया को एक्सेस नहीं कर सकते या उस वेबसाइट की प्रायवेट जानकारी को नहीं देख सकते है।

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Deep Web- इंटरनेट पर 90% हिस्सा Deep Web होता है। डीप वेब इंटरनेट पर उन सभी वेब पेज को रेफर करता है, जिन्‍हे सर्च इंजन देख या खोज नहीं पाता है। इस तरह के कंटेंट को आप गूगल सर्च करके नहीं खोज सकते हैं, क्योंकि इस तरह की वेबसाइट सर्च रिजल्ट में इंडेक्ट नहीं होती हैं। हालांकि यूजर इसे एक्सेस कर सकता है अगर उसके पास उस वेबसाइट या पेज का लिंक है। हालांकि डीप वेब में आने वाली वेबसाइट और जानकारियां अति संवेदनशील और गोपनीय होती है। इन जानकारियों में बड़ी-बड़ी कम्पनियों का डेटा, सुरक्षा एजेंसियों का गोपनीय डेटा, वैज्ञानिकों के बनाए फार्मूले और जानकारीयां, बैंकों का डेटा, क्लाउड स्टोरेज, डेटाबेस, इमेल लिस्टिंग, गवर्मेंट पब्लिकेशन आदि शामिल होते हैं। यानी ये इंटरनेट का एक साफ-सुथरा हिस्सा है, लेकिन इसे सिर्फ वही लोग एक्सेस कर सकते हैं, जिसे एक्सेस करने की परमिशन होती है।

 

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Dark Web- अब बात करते हैं इंटरनेट पर मौजूद उस हिस्से की जिस पर सभी गैरकानूनी काम और व्यापार किया जाता है। आपने सुना होगा कि किसी वेबसाइट को हैक कर उसके सभी यूजर्स का निजी डेटा चुरा लिया गया या किसी मैलवेयर या रैनसमवेयर ने यूजर्स की निजी जानकारी हैक कर ली। इस तरह के डेटा और जानकारियों का सौदा डार्क वेब पर ही होता है। डेटा की कीमत इस आधार पर निर्धारित होती है कि इसे किस देश से चुराया गया है और इससे उस देश को कितना प्रभाव पड़ेगा। अगर किसी नामी शख्सियत का डेटा चुराया गया है, तो उसकी कीमत भी ज्यादा होगी। यहां वर्चुअल मनी जैसे Bitcoin से पेमेंट किया जाता है। इसके अलावा डार्क वेब में चाइल्ड पोर्न, अवैध हथियारों की तस्करी, इंसान की तस्करी, सायबर अपराध की योजना जैसे कामों को अंजाम दिया जाता है। यहां भी एक्सेस करना आसान नहीं होता है, लेकिन अगर आप एक्सेस कर लेते हैं, तो आप भी इंटरनेट की इस खतरनाक दुनिया का हिस्सा बन जाएंगे।

 
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English summary
Surface web vs deep web vs dark web on internet. More detail in hindi.

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