भारत सरकार के सुप्रीम आदेश के बाद बैन हुआ "TikTok" लेकिन अभी भी इस्तेमाल करना संभव
TikTok के बारे में आपने सुना ही होगा। भारत में छोटी वीडियो बनाकर खुद को लोकप्रिय करने वाला चीन का यह ऐप काफी प्रसिद्ध हो चुका है। इस ऐप को देशभर के करोड़ों लोग इस्तेमाल करते हैं। इस ऐप के कई बुरे प्रभाव पिछले कुछ महीनों से देखनो को मिल रही थी। इस वजह से मद्रास हाईकोर्ट ने टिकटोक को बैन करने का आदेश दिया था। अब आज गूगल ने अपने प्ले स्टोर और एप्पल ने भी अपने स्टोर से टिकटोक को हटा लिया है। इसका मतलब अब भारतीय यूजर्स गूगल प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से टिकटोक को डाउनलोड नहीं कर पाएंगे।

TikTok हुआ बैन
गौरतलब है कि मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बाद टिकटोक में सुप्रीम कोर्ट में बैन ना लगाने के लिए याचिका दायर की थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसलों को बरकार रखते हुए इस मामले पर 22 अप्रैल को अगली सुनवाई की तारीख दी है। मद्रास हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भारत सरकार ने कल गूगल और एप्पल को अपने स्टोर से इस ऐप को हटाने के लिए कहा था। कोर्ट ने कहा था कि टिकटॉक पर आने वाले अश्लील कंटेंट से बच्चों और टीनऐजर्स पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। भारत सरकार के आदेश के बाद आज गूगल और एप्पल ने अपने प्ले स्टोर से इस ऐप को हटा लिया है।
अब यूजर्स इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर या एप्पल प्ले स्टोर से डाउनलोड तो नहीं कर पाएंगे लेकिन पुराने यूजर्स इस ऐप का इस्तेमाल पहले की तरह ही कर पाएंगे। वहीं पुराने यूजर्स (जिनके स्मार्टफोन में पहले से ऐप डाउनलोड है) टिकटोक को शेयरइट जैसे किसी भी शेयरिंग ऐप के माध्यम से एक-दूसरे को भेज पाएंगे। जिसके बाद नए यूजर्स इस ऐप को डाउनलोड करके इस्तेमाल कर पाएंगे। इसके अलावा भी टिकटोक को डाउनलोड करने के कई विकल्प अभी भी मौजूद है। लिहाजा अगर नए यूजर्स इस ऐप का इस्तेमाल करना चाहेंगे तो वो कर सकते हैं लेकिन सिर्फ गूगल प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर से डाउनलोड नहीं कर पाएंगे।
अभी भी डाउनलोड करने का विकल्प मौजूद
ऐसे में एक सवाल उठता है कि अगर यूजर्स इस ऐप को अभी भी डाउनलोड कर ही सकते हैं तो फिर गूगल और एप्पल स्टोर से इसे बैन करने का क्या फायदा होगा...? मद्रास हाईकोर्ट ने इस ऐप को बैन करने का आदेश इसलिए दिया था क्योंकि इससे बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। टिकटोक पर लोग फेमस होने के लिए अश्लील कंटेंट डाल रहे हैं जिसे टीएजेर और नाबालिग बच्चे देख रहे हैं और उनके दिमाग पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। बच्चों और टीनऐजर्स को बुरे प्रभाव से बचाने के लिए कोर्ट ने इसे बैन करने का आदेश दिया था लेकिन बच्चों के पास अभी भी डाउनलोड करने के कई विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में गूगल और एप्पल से बैन करने का क्या फायदा होगा...?
क्या ऐप्स और गेम्स को बैन करना ठीक है...?
अगर टिकटोक को बैन करना ही है तो पुरी तरह सर्वर से ही बैन करना चाहिए ताकि ना मौजूदा यूजर्स यूज़ कर पाएं और नाहि नए यूजर्स इसका इस्तेमाल कर पाएं। हालांकि इस बात का अगर दूसरा पक्ष भी देखें तो यह सवाल भी बनता है कि क्या इस तरह से सीधा किसी भी ऐप को बैन करना ठीक है...? ऐसा अगर हमेशा होता रहा तो फिर इस नए इंटरनेट के जमाने में जीने का भी क्या फायदा होगा...? Tiktok जैसे ऐप्स या PUBG जैसे गेम्स को बैन करना क्या ठीक है...? हालांकि हमारे युवा और बच्चों को इन ऐप्स और गेम्स की बुरी लत और बुरे प्रभाव से भी बचाना जरूरी है लेकिन क्या इसके लिए सीधा बैन कर देना सही उपाय है...? अगर नहीं तो आखिर ऐसी समस्याओं का स्थाई समाधान क्या है...?


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