End of Mangalyaan Mission: मंगलयान मिशन हुआ खत्म, ईंधन-बैटरी के साथ सब हुआ खत्म…

End of Mangalyaan Mission: ISRO ने पुष्टि की है कि मार्स ऑर्बिटर क्राफ्ट का ग्राउंड स्टेशन से संपर्क टूट गया है और इससे वापस से संपर्क करना मुमकिन नहीं है इसके साथ ही हम यह मान कर चल सकते है कि मार्स ऑर्बिटर मिशन (Mars Orbiter Mission- MOM) का आठ साल आठ दिन का सफर खत्म हो गया जो 5 नवंबर 2013 को लॉन्च किया गया था और यह 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में पहुंचा था। इसरो ने मंगलवार को अपने सबसे सफल मिशन पर से पर्दा हटाते हुए इस बात की घोषणा करी।
6 महीने नहीं बल्कि कक्षा में लगभग 8 साल तक रहा Mangalyaan
यह भी चर्चा की गई कि एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शक के रूप में छह महीने के जीवन काल के लिए डिजाइन किए जाने के बावजूद, (Mars Orbiter Mission- MOM) मंगल ग्रह पर और साथ ही सौर कोरोना पर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परिणामों के साथ मंगल ग्रह की कक्षा में लगभग आठ वर्षों तक रहा है। राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि अप्रैल 2022 में एक लंबे ग्रहण के परिणामस्वरूप ग्राउंड स्टेशन के साथ संचार खो गया है।
आधिकारिक ट्विटर हैंडल से नहीं आई है कोई जानकारी
ISRO ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि अब मंगलयान में ईंधन पूरी तरह से खत्म हो चुका है साथ ही स्पेसक्राफ्ट की बैटरी भी पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। ISRO ने बताया हमारा मंगलयान से लिंक भी टूट चुका है, हालांकि इस बारे में देश की स्पेस एजेंसी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कोई जानकारी शेयर नहीं की है।

लंबे ग्रहण के कारण टूट गया संपर्क
अप्रैल 2022 में मार्स पर लगे एक लंबे ग्रहण के परिणामस्वरूप मंगलयान ( Mangalyaan ) का ग्राउंड स्टेशन के साथ संपर्क टूटने की बात सामने आई है। मंगलयान मिशन की लागत 450 करोड़ रुपये थी, जो काफी बड़ी बात है।
काफी खास था ISRO का Mangalyaan Mission
मंगलयान मिशन सभी के लिए काफी खास था। इसमें पांच अलग-अलग पेलोड्स को एकसाथ असेंबल करके एक साथ मंगल तक पहुंचाना। मंगलयान के मार्स कलर कैमरे से ली गईं तस्वीरों में से 1000 से ज्यादा फोटो से मार्स एटलस बनाया गया।


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