भारतीय भाषाओं पर फेसबुक की टेड़ी नजर, अब कमेंट करना पड़ सकता है भारी
ये तो आपने सुना ही होगा कि हर चीज के दो पहलू होते हैं, एक अच्छा और बुरा। सोशल मीडिया पर ये बात पूरी तरह से लागू होती है क्योंकि जैसे-जैसे लोगों के बीच सोशल नेटवर्किंग साइट का क्रेज बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इस प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रोलिंग, सायबर बुलिंग और अभद्रता जैसे मामले सामने आ रहे हैं। दिग्गज सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक हो या ट्विटर अपने मंच पर मौजूद भद्दे कमेंट और पोस्ट से परेशान हैं। फिलहाल फेसबुक ने इससे निबटने के लिए कदम उठाया है।

पढ़ें- ऑग्मेंटेड रियलिटी चश्में ला रहा है Facebook, ये होगी खासियत
भारत में फेसबुक कमेंट में अभद्रता और ट्रोलिंग के कई मामलों में देखा गया कि ऐसे भद्दे कमेंट और ट्रोलिंग और मैसेज में धमकियां देने वाले ज्यादातर यूजर्स हिंदी, तमिल या अन्य लोकल इंडियन लैंग्वेज का सहारा लेकर ये काम कर रहे थे। फेसबुक के मुताबिक, ट्रोल करने वालों में से कई खुद सॉफ्टवेयर के जानकार हैं, इसलिए वह भाषा को ढाल बनाकर ऐसी हरकतें करते जा रहे हैं।
पढ़ें- Sarahah ऐप पर मैसेज भेजने वाले का नाम जानना चाहते हैं आप ?
फेसबुक ने अब इस स्थिति से निबटने और ऐसे लोगों के कमेंट को समझने, पढ़ने और रोकने के लिए स्थानीय भाषाएं समझने वाले लोगों को कन्टेंट मॉनिटर करने के लिए रखा है। बता दें कि
भारत में 122 से भी ज्यादा भाषाएं और 1,599 से भी ज्यादा बोलियां होने की वजह से सायबर बुलिंग को रोकना एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है।
पढ़ें- FACEBOOK पर हैकर्स भेज रहे हैं ये लिंक, गलती से भी न करें क्लिक
अगर आकड़ों की बात करें तो देश में हर दिन सवा 2 करोड़ से भी कहीं ज्यादा लोग भारतीय भाषाओं में इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। जबकि अंग्रेजी में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या पौने 2 करोड़ के आस-पास है। इस अध्ययन में ये बात भी सामने आई के ट्रोलर्स के अलावा विदेशों में यूथ को बहकाने के लिए अंग्रेजी के अलावा रूसी और अन्य भाषाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।


Click it and Unblock the Notifications








