खास फीचर की मदद से क्राइम रोक सकता है ट्विटर
पॉपुलर माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर को लेकर पिछले कुछ दिनों से लगातार खबरें आ रही हैं। कुछ रिपोर्ट में कहा गया गया कि ट्विटर की पॉपुलरिटी यूजर्स के बीच लगातार कम होती जा रही है। अब एक नई रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि ट्विटर क्रिमिनल एक्टिविटी रोकने में मदद कर सकता है। बता दें कि ये रिपोर्ट 1.5 मिलिनय पब्लिक ट्वीट के स्टडी-एनालिटिक पर बेस्ड है।

क्या है रिपोर्ट-
वर्जीनिया यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर मैथ्यू गार्बर का कहना है कि रिसर्च के लिए उनकी शुरुआती परिकल्पना ये थी कि ट्विटर और अपराधियों के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, क्योंकि कोई भी क्रिमिनल अपराध करने के पहले ट्विटर पर जानकारी अपडेट नहीं करेगा। हालांकि वह सोशल इवेंट और आउटिंग जैसी जानकारियां जरूर शेयर करते हैं, जो उनकी क्रिमिनल एक्टिविटी को लीड कर सकती हैं।
ओपन प्लेटफॉर्म है ट्विटर-
रिसर्च टीम ने कहा कि उन्होंने बाकी सभी सोशल नेटवर्किंग साइट की जगह ट्विटर का चुनाव इसीलिए किया क्योंकि ये ज्यादा ओपन प्लेटफॉर्म है। इसके अलावा किसी भी यूजर का यूजर्स ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) ट्वीट टैग के जरिए एक्सेस किया जा सकता है।
1.5 मिलियन पब्लिक ट्वीट पर रिसर्च-
रिसर्च के लिए टीम ने जनवरी से मार्च 2013 के बीच 105 मिनियन पब्लिक ट्वीट पर रिसर्च किया। ये स्टडी शिकागो एरिया के जीपीएस कोर्डिनेट में समान समय और क्षेत्र के आधार पर चूज किया गया।
ये थे कॉमन टॉपिक्स-
क्राइम रिकॉर्ड और ट्वीट को की स्टडी में कुछ कॉमन टॉपिक सामने आए। ये कॉमन टॉपिक्स स्पोर्ट्स, रेस्टॉरेंट और एंटरटेनमेंट से जुड़े थे, जिन्हें ट्वीट में सबसे ज्यादा नजर आए। इस स्टडी में जो खास बात सामने आई वो ये कि कई क्रिमिनल्स ने अगले कुछ दिनों और कुछ महीनों में होने वाले क्राइम को प्रिडिक्ट किया था।
25 में से 19 तरह के क्राइम का ट्विटर पर अनुमान-
टीम ने पाया कि कंबाइंड मैथड से जो रिजल्ट सामने आए वह ज्यादा एक्यूरेट थे। टीम ने 25 से अधिक अपराध के प्रकारों में से 19 का ट्विटर पर अनुमान लगाया गया था। रिपोर्ट में कहा गया कि ट्विटर अपने इस फीचर के जरिए क्राइम रोकने में मदद कर सकता है।


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