पोर्न साइट्स पर रोक लगाना मुश्किल है !
अश्लील वेबसाइट्स पर रोक लगाने के सम्बन्ध में सरकार की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता के.वी. विश्वनाथन के दिए गए वक्तव्य की महिला संगठन ऑल इण्डिया महिला सांस्कृतिक संगठन (एआईएमएसएस) ने निन्दा की है। एआईएमएसएस की राष्ट्रीय महासचिव डॉ. एच.जी. जयलक्ष्मी ने कहा कि मीडिया में यह रिपोर्ट पढ़कर धक्का पहुंचा है, जिसमें सरकार की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता के.वी. विश्वनाथन ने अपने वक्तव्य में कहा है कि अश्लील वेबसाइट्स पर रोक लगा पाना बहुत ही कठिन है क्योंकि इस कदम से अन्य दूसरे ऐसे वेबसाइट्स भी प्रभावित हो जाएंगे जिनमें सामान्यत: उपयोग में आने वाले ऐसे शब्द इस्तेमाल किए गए होंगे जो इन अश्लील वेबसाइट्स में भी उपलब्ध होंगे।
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उन्होंने बताया कि विश्वनाथन का यह कथन इंदौर के एक वकील कमल वासवानी द्वारा की गई अपील के सन्दर्भ में आया है, जिसमें इस बात का जिक्र किया गया था कि महिलाओं पर बढ़ते अपराधों के पीछे हजारों उत्तेजक अश्लील वेबसाइट्स की बहुत ही सहज उपलब्धता एक प्रमुख कारक है। उन्होंने इन साइट्स पर रोक लगाने की अपील की थी।
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डॉ. जयलक्ष्मी ने कहा कि जब सूचना व तकनीकी क्षेत्र के तमाम विशेषज्ञों की राय है कि अश्लील साइट्स को पृथक रूप से या संस्थागत स्तर पर रोकना संभव है और व्यावहारिक रूप में तमाम देशों ने उन पर सफलतापूर्वक रोक लगा भी दी है, तो हमारे देश की सरकार को ऐसी नीति अपनाने में क्या दिक्कत है।
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उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं को ऐसी अश्लीलता का शिकार होने से बचाने के लिए सरकार को ऐसे कदम स्वयं की पहल पर ही उठा लेने चाहिए, इस तरह की तर्कहीन व अविश्वसनीय दलील कठोर भर्त्सना के योग्य है। हम सरकार से अपील करते हैं कि वह इसके लिए आवश्यक कानूनी प्रावधान बनाए और सभी अश्लील साइट्स पर रोक लगाने के लिए तत्काल कदम उठाए और अपनी युवा पीढ़ी को इसके अत्यधिक अमानवीय दुष्प्रभाव से बचाए।


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