नकली निकला ऑफर लेटर, गूगल ने कर दी गूगली
गूगल पर जॉब पाने का दावा कर सोशल मीडिया और खबरों में वायरह हो रहे हर्षित शर्मा के दावों को पोल खुल चुकी है। हर्षित ने कहा था कि उसे गूगल की तरफ से जॉब का ऑफर मिला है, लेकिन गूगल की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि कंपनी ने चंडीगढ़ के किसी लड़को को कोई जॉब नहीं दिया है। हर्षित ने जो जॉब लेटर पेश किया था, वो पूरी तरह नकली था। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है। यहां हम आपको हर्षित के 24 घंटों के अंदर सोशल मीडिया पर हीरो और फिर सच्चाई सामने आने की पूरी कहाने बता रहे हैं।
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क्या है मामला-
मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक 16 वर्षीय किशोर हर्षित शर्मा की काफी चर्चा की जा रही थी। कुरुक्षेत्र में रहने वाले हर्षित ने दावा किया जा रहा था कि उसे गूगल की तरफ से सालाना 1.44 करोड़ रुपए की सैलरी पर डिजाइनर बनने का ऑफर मिला है। हालांकि जब गूगल से इस ऑफर की पुष्टि की गई तब मामले की सच्चाई सामने आई। गूगल के प्रवक्ता ने बताया, 'अभी हमारे पास हर्षित शर्मा को ऐसा ऑफर दिए जाने की कोई जानकारी नहीं है।'
ये था जॉब का दावा-
हर्षित ने दावा किया था कि उसे स्काइप पर इंटरव्यू के बाद जॉब मिला है। इसके लिए उसे दो महीने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी और उसके बाद 12 लाख रुपए प्रतिमाह पर सैलेरी दी जाएगी। हर्षित के स्कूल की प्रिंसिपल इंद्रा बेनीवाल ने बताया कि वह इसी साल स्कूल से बारहवीं कक्षा पास हुआ है और उसने स्कूल में आकर कहा था कि उसे गूगल से जॉब ऑफर मिला है। इसके बाद हर्षित ने प्रिंसीपल को वॉट्सएप पर ऑफर लैटर भी भेजा, जिसमें उसके रिक्रूटमेंट की बात लिखी थी।
सोशल मीडिया पर वायरल-
गूगल से ऑफर मिलने की बात जैसे ही मीडिया और सोशल नेटवर्किंग साइट पर आई हर्षित कुछ घंटों के लिए स्टार बना गया। इस दौरान उसने कई इंटरव्यू भी दिए। यहां भी लगातार हर्षित यही कहता रहा कि उसे गूगल के आइकन लोगो के डिजाइन के लिए जॉब ऑफर हुआ है। हर्षित के कहा कि गूगल ने हर्षित को अगस्त में ज्वाइन करने को कहा है।
गूगल के बयान के बाद चुप्पी-
फिलहाल हर्षित का फोन स्विचऑफ है। गूगल की तरफ से इस तरह के किसी जॉब ऑफर से इंकार के बयान के बाद उसने और उसके परिवार ने चुप्पी बना ली है।


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