वो फ्यूचर टेक्नोलॉजी, जो इंसानी अस्तित्व को डाल सकती है खतरे में
इस समय इंसान नए-नए इंवेशन कर रहा है और हर रोज नई टेक्नोलॉजी के जरिए हैरान हो रहा है। साइंटिस्ट का मानना है कि आने वाला समय वो होगा जब इंसानी दिमाग की हर कल्पना सच हो सकेगी। भविष्य में आने वाली तकनीक इंसान के लिए सहायक, रोचक भी होगी और खतरनाक भी। यहां हम आपको ऐसी ही 5 भविष्य में आने वाली टेक्नोलॉजी के बारे में बता रहे हैं।
पढ़ें- कंप्यूटर के कृत्रिम दिमाग से खतरे में पड़ा फेसबुक, साइंटिस्ट ने बताया रिस्क

पढे़ं- पाकिस्तान में बैन हो सकता है फेसबुक, वजह कर देगी हैरान
माइंड रीड फिटनेस ट्रेकर-
हाल ही में कई फिटनेस ट्रेकर का अविष्कार हुआ है, जो फिट ह्यूमन बॉडी से लेकर बीमार लोगों के लिए काम करते हैं। फिटनेस गैजेट को इंवेंट किए सभी गैजेट में बेस्ट माना जाता है, हालांकि इनकी एक्यूरेसी पर 100 परसेंट यकीन नहीं किया जा सकता है। लेकिन अगर ये गैजेट आपका दिमाग पढ़ सकें कि आप क्या सोच रहे हैं, या क्या प्लान करने वाले हैं। आने वाले समय में ऐसे फिटनेस गैजेट बनेंगे जो आपके दिमाग की वेब को रीड कर आपको बताएंगे कि आपके शरीर का कौन सा हिस्सा कमजोर है और शरीर के किस अंग के लिए कितना वर्कआउट जरूरी है। ऐसे गैजेट के सामने आपकी इच्छा कोई मायने नहीं रखेगी और आपको इस गैजेट के निर्देश पर ही काम करना होगा, भले ही आप ऐसा चाहते हों या नहीं।
सेल्फ ड्राइविंग कार-
साइंटिस्ट ने ऐसी कार का अविष्कार किया है, जो खुद सेल्फ ड्राइविंग पर काम करती है और सेट किए डेस्टिनेशन पर पहुंच जाएगी। हालांकि टेस्टिंग के दौरान ही इस कार ने एक एक एक्सीडेंट कर दिया था, लेकिन उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे अविष्कार होते रहेंगे। हालांकि इंडिया में सरकार ने ये आइडिया अपनाने से बिल्कुल इंकार कर दिया है, लेकिन आने वाला समय ड्राइवर लैस कार का होगा।
वर्चुअल रियलिटी वेकेशन-
हम सभी को घूमना पसंद है। अपना स्ट्रेस और बोरियत खत्म करने लोग लॉन्ग ट्रिप पर जाते हैं, लेकिन तकनीक ने यहां भी एंट्री ले ली है। वर्चुअल रियलिटी के जरिए लोग घर बैठे ही वेकेशन का मजा ले सकते हैं। वीआर डिवाइस के जरिए कुछ मिनटों में ही आप अपने कमरे के अंदर से पूरी दुनिया घूम सकते हैं। क्या ये वाकई एक्साइटिंग है ?
रोबोट असिस्टेंट-
इस समय जिस तकनीक का तेजी से विकास हो रहा है, वो है रोबोट। अब रोबोट से इंसान की तरह बात कर सकते हैं। रोबोट इंसान का लगभग हर काम कर सकता है। हाल ही में खबर आई थी कि राइटर्स की जगह जल्द ही रोबोट को रिप्लेस किया जा सकता है, क्योंकि वह काफी तेजी से लिखेंगे और एरर की संभावना काफी कम होगी। क्या आने वाले समय में इंसान रोबोट के अंडर काम करेगा, ये सोचने वाली बात है।
ह्यूमन बॉडी में माइक्रो चिप-
इंसानी शरीर में माइक्रो चिप का ट्रेंड अमेरिका की एक कंपनी ने शुरू किया है। थ्री स्केवर मार्केट नामक ये कंपनी अपने कर्मचारियों के शरीर में RFID चिप लगाने का ऑप्शन दिया है। इस चिप के जरिए कर्मचारी ऑफिस के ब्रेकरूम बाजार में खरीदारी करने, दरवाजे खोलने, फोटो कॉपी मशीनों का इस्तेमाल करने, कंप्यूटर में लॉग इन करने, फोन खोलने, बिजनेस कार्ड आदान-प्रदान करने, चिकित्सा/स्वास्थ्य संबंधी सूचनाओं को संग्रहित करने और दूसरे RFID टर्मिनलों पर भुगतान करने जैसे काम कर सकेंगे। कंपनी के मुख्यालय में एक अगस्त को 'चिप पार्टी' आयोजित की जाएगी, जिसमें कर्मचारियों को चिप लगाया जाएगा। इस नई तकनीक के फायदे कुछ भी हों, लेकिन इसे इंसान के लिए सुरक्षित और यूजफुल नहीं माना जा सकता है।


Click it and Unblock the Notifications








