ऐपल की इस मांग पर सरकार ने दिया जवाब
आईफोन बनाने वाली दिग्गज कंपनी ऐपल ने सरकार से आयात किए जाने वाले स्मार्टफोन कंपोनेंट्स और एक्सेसरीज पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी पर रिबेट की मांग की थी। ऐपल ने इसके लिए सरकार को लिखित आवेदन किया था। हाल ही में इस पत्र के जवाब में सरकार ने ऐपल की इस मांग को मानने से इंकार कर दिया है।

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लोकसभा की तरफ से आए लिखित जवाब में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा कि इस तरह की छूट को जांच के बाद अस्वीकार कर दिया गया है। चार्जर, बैटरी, स्पीकर्स के अलावा पहले से जीरो बेसिक कस्टम ड्यूटी, एक्साइज ड्यूटी के आधार पर ऐपल की डिमांड को अस्वीकार कर दिया है और विशेष अतिरिक्त शुल्क (एसएडी) मोबाइल फोन, टैबलेट और कंप्यूटर के अंतिम निर्माण के लिए कंपोनेंट्स और एक्सेसरीज के लिए निर्धारित किया गया था।
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सीतारमण ने संसद में कहा कि सरकार को रियायत की मांग को लेकर पत्र मिला, जिसमें लोकल सोर्स से कंपोनेंट पर 30% छूट, फोन के निर्माण और मरम्मत, कंपोनेंट, स्मार्टफोन के निर्माण में लगने वाली एक्सेसरीज, सर्विस और रिपेयर पर छूट शामिल है। घरेलू उत्पादन क्षमता और वेल्यू एडिशन के लिए पहले स्टोर की शुरुआत से तीन साल के लिए छूट दी जा सकती है। लेकिन उसके बाद इन संस्थाओं को घरेलू सोर्सिंग रूल्स को पूरा करना होगा।
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सीतारमण ने लोकसभा को यह भी बताया कि जीएसटी परिषद द्वारा मौजूदा सभी छूट की समीक्षा की जा चुकी है। 1 जुलाई से घरेलू उत्पादन और आयातित मोबाइल फोन दोनों पर 12% जीएसटी लागू होगा। सरकार के इस जवाब के बाद उम्मीद है ऐपल कोई नई पॉलिसी तैयार करेगा।


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