अब टेलीकॉम कंपनी पूछेंगी, रिचार्ज का कितना पैसे देना चाहते हैं आप ?

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    अब तक टेलीकॉम कंपनिया आपको अपने इंटरनेट और कॉलिंग प्लान बताती थी, जिनकी कीमत पहले से ही निश्चित होती थी। लेकिन अब टेलीकॉम कंपनियां यूजर्स से पूछेंगी कि वह जो प्लान लॉन्च करने जा रही हैं, उसका कितना पैसा यूजर्स पे करना चाहेंगे। दरअसल सरकार नई टेलीकॉम पॉलिसी पर काम कर रही है, जिसमें ओपन प्लेटफॉर्म पर लोगों की राय मांगी जाएगी। इस मामले में जनता के अलावा भारत और विदशों के उद्योगों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के विचार भी लिए जाएंगे।

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    अब टेलीकॉम कंपनी पूछेंगी, रिचार्ज का कितना पैसे देना चाहते हैं आप ?

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    नई टेलिकॉम पॉलिसी-

    सरकार नई टेलीकॉम पॉलिसी लाने पर विचार कर रही है। दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने बताया कि टेलीकॉम डिपार्टमेंट के जरिए उभोक्ताओं से उनकी राय जानी जाएगी और ये प्रक्रिया एक ओपन कंसलटेशन प्रोसेस के जरिए जल्द ही शुरु की जाएगी। टेलीकॉम डिपार्टमेंट द्वारा उठाया गया ये पहला कदम है।

    विदेशों में भी ली जाएगी राय-

    दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने बताया कि इस पॉलिसी के लिए हमने 50 लोगों की टीम बनाई है। इस टीम में भारत के अलावा उन विदेशी लोगों से भी राय ली जाएगी, जो इस पॉलिसी को जानते हैं। साथ ही भारत और विदेशों के विदशों के इंडस्ट्री, एकेडमिक और एक्सपर्ट के विचार भी जाने जाएंगे।

    2017 के बाद पॉलिसी पर शुरू होगा काम-

    मंत्री मनोज सिन्हा ने बताया कि इस पॉलिसी पर 2017 के बाद ही काम शुरू हो पाएगा, क्योंकि 2012 में अस्तित्व में आईं टेलीकॉम कंपनियां पांच साल पूरे कर लेंगी। रिपोर्ट के मुताबिक इस पॉलिसी के तहत रोडमैप तैयार कर नेक्स्ट जनरेशन टेक्नोलॉजी के लिए बेस तैयार करेगी।

    पहली बार आई ये पॉलिसी-

    बता दें कि अभी तक केवल कैरियर्स, टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर एसोसिएशन, टावर कंपनियां और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों की राय ली जाती रही है। ये पहली बार है, जब कंपनियां डायरेक्ट यूजर्स से उनकी राय जानेंगी। एनटीपी 2012 के अंतर्गत, सरकार ने नई पॉलिसी में कई सुधार किए हैं। इनमें स्पेकट्र्म से लाइसेंस को डिलिंक करना, स्पेक्ट्रम ट्रेडिंग का चिन्हित करना और साझा किए जाने वाले नियम, पूर्ण मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी व नीलामी के माध्यम से बड़ी संख्या में स्पेक्ट्रम उपलब्ध कराना शामिल है।

    पॉलिसी के जरिए टारगेट अचीव-

    दूरसंचार मंत्रायल ने पहले, यूजर्स के लिए 2 एमबीपीएस डाटा, देशभर में रोमिंग चार्जेज खत्म करना, स्पेक्ट्रम के इस्तेमाल को बढ़ावा देना, नेशनल प्रॉपर्टी रजिस्ट्री का गठन जैसे टारगेट सरकार ने रखे थे। इनमें से कुछ टारगेट पूरे हो चुके हैं। बता दें कि इस साल की शुरुआत में इससे जुड़े कुछ नियम जारी किए गए हैं। अन्य के लिए मिनिमम डेटा स्पीड जैसी चीजें ट्राई ने कंसल्टेशन पेपर्स में जारी की थी।


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    English summary
    government has begun work on the new telecom policy for which it will seek views of the public. for more detail read in hindi.
    Opinion Poll

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