2022 तक 32 खरब होगा मोबाइल वॉलेट से लेनदेन !
सलाहकार कंपनी Deloitte की रिपोर्ट में कहा गया कि सालाना 126 प्रतिशत की दर से बढ़ते हुए मूल्य के हिसाब से मोबाइल वॉलेट से लेनदेन 2022 तक 32,000 खरब रुपए पर पहुंच जाएगा। मोबाइल वॉलेट से लेनदेन की संख्या में हर साल 94 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो रही है।

रिपोर्ट कहती है कि मोबाइल इंटरनेट और स्मार्टफोन के विस्तार से मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल बढ़ेगा। इसके इस्तेमाल में सहूलियत से मोबाइल वॉलेट पेमेंट और पॉपुलर होगा। हालांकि रिपोर्ट में इससे जुड़ी कुछ बाधाओं को भी शामिल किया गया।
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रिपोर्ट में सबसे बड़ी चुनौती नकद लेनदेन को बताया गया है। यूजर्स आज भी ई पेमेंट की जगह नकद लेनदेन को सुरक्षित समझते हैं। वहीं क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी एक मुख्य चुनौती है।
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इसके अलावा फ्रॉड और फाइनेंशियल सिक्योरिटी इस्यू भी डिजिटल पेमेंट टेक्नोलॉजी की मुख्य परेशानियां हैं। प्रौद्योगिकी प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। यूपीआई के आने के बाद प्रतियोगिता में बढ़ोत्तरी हुई है और कंपनियां यूजर्स को मोबाइल वॉलेट से जुड़ी नई सर्विस पेश कर रही हैं।
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यूपीआई की शुरुआत ने आगे बढ़ने वाली प्रतियोगिता में बढ़ोतरी की है। इसके अलावा, उद्योग के खिलाड़ी अपनी मूल सेवा से आगे बढ़ना शुरू कर चुके हैं और संपार्श्विक सेवाएं मुहैया कर रहे हैं।


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