वीवो ने बताया आखिर क्‍यों निकाला कर्मचारियों को नौकरी से

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हाल ही में खबर सामने आई है कि चीनी स्मार्टफोन निर्माता वीवो इंडिया ने बुधवार को कहा कि ग्रेटर नोएडा की प्रॉडक्शन यूनिट से अचानक कर्मचारियों से जबरन रिजाइन ले लिया।

हालांकि इस पूरे मामले पर कंपनी का बयान भी सामने आया कि कर्मचारियों की छंटनी का फैसला कंपनी का पूरी तरह व्यावसायिक निर्णय है। चीन की स्मार्टफोन निर्माता ने मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "उत्पादकता में सुधार के लिए हम विभिन्न विभागों में सही संख्या में कर्मचारी रखते हैं। यह छंटनी व्यवसाय के फैसले के अनुरूप है।"

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क्या है मामला-

मीडिया रिपोर्टों में मंगलवार को बताया गया कि वीवो के ग्रेटर नोएडा कार्यालय के कर्मचारियों को बिना किसी नोटिस के एकाएक निकाल दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि उन्हें एकाएक कहा गया कि वे अपना काम समेट लें और लंच से पहले इस्तीफा दे दें, क्योंकि अब उनकी जरूरत नहीं है। इसके बाद मंगलवार को कर्मचारियों और कंपनी के सुरक्षा गार्डो के बीच विवाद हो गया।

विवो ने मामले पर दी सफाई-

जब कंपनी से इस रिपोर्ट के बारे में पूछा गया तो वीवो इंडिया ने अपने बयान में कहा, "हम नियमों और अनुबंध का सख्ती से पालन करते हैं और हम उनके सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए शांतिपूर्ण संक्रमण को सुनिश्चित करने के लिए सभी सही उपाय कर रहे हैं।"

Oppo भी विवादों में-

बता दें कि कुछ समय पहले चाइनीज स्मार्टफोन कंपनी Oppo भी गलत कारणों से चर्चा में आई थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट सामने आईं थी, जिसमें पंजाब में ओप्पो कंपनी में भारतीय कर्मचारियों से बदसलूकी का मामला सामने आया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि कंपनी ने भारतीय कर्मचारियों को आत्मसम्मान के बिना सिर्फ पैसों के लिए काम करने वाले लालची इंसान कहा। इसके बाद पंजाब में मौजूद पूरी यूनिट ने कंपनी से इस्तीफा की बात सामने आई । हालांकि ओप्पो ने भी पूरे मामले को मिसकम्यूनिकेशन बताते हुए इसका खंडन किया और इस्तीफा प्राप्त होने से इंकार कर दिया था।

चीनी स्मार्टफोन के आयात में कमी-

बता दें कि भारतीय स्मार्टफोन इंडस्ट्री के इतिहास में इस साल चीनी स्मार्टफोन के आयात में करीब 4 फीसदी की कमी आई है। सैमसंग के अलावा सभी चाइनीज स्मार्टफोन कंपनी ओप्पो, वीवो, लिनोवो और शाओमी के स्मार्टफोन का आयात घटा है। बता दें कि जहां एक तरफ चीनी स्मार्टफोन मार्केट प्रॉडक्शन और निर्यात बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहा है, ऐसे में भारत की तरफ से मिला ये झटका चीनी स्मार्टफोन मार्केट को काफी भारी पड़ सकता है। चीनी कंपनियों में भारतीय कर्मचारियों के साथ लगातार आ रहे विवाद इससे जुड़े भी हो सकते हैं।

क्या सीमा विवाद है कारण-

पिछले कुछ समय में अचानक ही चीनी कंपनी और भारतीय कर्मचारियों के बीच मतभेद के मामले सामने आए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पिछले कई दिनों से भारत-चीन के बीच अंदरूनी सीमा पर विवाद चल रहा है, इसे उसी विवाद का प्रभाव बताया जा रहा है। बता दें इससे पहले चीनी मीडिया उनकी कंपनियों को भारत में सतर्क रहने को कहा था।


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English summary
vivo issued statement on Sacked employees from Greater Noida unit. for more detail read in hindi.
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