अमेरिकी सेना जल्‍द रिमोट से चलाएगी मशीनगन, जानिए कैसे ?

Posted By:

    आर्मी में ड्यूटी करना कोई बच्‍चों का खेल नहीं है, इसमें मानसिक और शरीरिक दोनों तरह से मजबूत होना चाहिए। सैकड़ों सैनिक दिन रात देश की सीमाओ में 24 घंटे खड़े रहते हैं इनकी ड्यूटी शिफ्ट में बटी होती है। यानी दिन में दूसरे तो रात में दूसरे पहरा देते हैं। ये तरीका न सिर्फ खर्चीला होता है बल्‍कि सैनिकों के लिए काफी मुश्‍किल भी, अमेरिकी सेना ने इसके लिए रिमोट से चलने वाली मशीनगन बनाई है जिसकी टेस्‍टिंग की जा रही है।

    पढें: 48,902 रुपए में खरीद रहे हैं 15,408 रुपए का स्‍मार्टफोन

    अगर टेस्‍ट के दौरान ये पास हो जाती है तो इसे कहीं भी इंस्‍टॉल किया जा सकता है तो 24 घंटे बिना रुके सीमाओं की निगरानी कर सकती है।

    आईए जानते हैं रिमोट चलने वाली इस मशीनगन की कुछ खास बातें

    लेटेस्ट टेक अपडेट पाने के लिए लाइक करें हिन्‍दी गिज़बोट फेसबुक पेज

    1

    रिमोट कंट्रोल मशीन गन के लिए यूएस आर्मी टॉवर हॉक सिस्‍टम का प्रयोग कर रही है।

    1

    यूएस आर्मी Tower Hawk system के तहत रिमोट कंट्रोल मशीन गन का टेस्‍ट कर रही है।

    2

    इस टॉवर में M-2 50 कैलिबर की मशीन गन लगी हुई है जो दूर से भी सटीक निशाना लगा सकती है।

    4

    इस मशीन गन को दूर बैठे रिमोट कंट्रोल से कंट्रोल किया जा सकता है। 

    5

    रिमोट कंट्रोल मशीन गन को 24 घंटे बार्डर की रखा जा सकता है। एक सैनिक काफी दूरी तक इस गन की मदद से बॉडर पर चौकंन्‍ना रह सकता है। 

    6

    इस गन को सेटअप करने के लिए एक छोटा सर्वर लगाना पड़ता है जो इसे कंट्रोल करता है।

    7

    रिमोट गन ऑटोमेटिक अपने आस-पास के क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखती है।


    लेटेस्ट टेक अपडेट पाने के लिए लाइक करें हिन्‍दी गिज़बोट फेसबुक पेज

    English summary
    Doing guard duty is one of the most time consuming and tiring jobs in the military. Dozens of combat soldiers are required to man the walls and towers around a military complex 24/7.
    Opinion Poll

    पाइए टेक्नालॉजी की दुनिया से जुड़े ताजा अपडेट - Hindi Gizbot

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Gizbot sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Gizbot website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more