कुछ ऐसे अविष्कार जिन्होंने दुनिया बदल दी
एक कहावत तो आप सबने सुनी होगी आवश्यक्ता ही अविष्कार की जननी होती है। शायद यही कारण है कुछ अविष्कारों की वजह से आज हमारी लाइफ स्टाइल यानी जिंदगी जीने का ढंग बदल चुका है। जैसे कंप्यूटर को ही ले लीजिए कंप्यूटर की मदद से हम सभी काम कम समय में कर लेते हैं।
अगर ऑटोमोबाइल का अविष्कार न हुआ होता तो शायद जो दूरी आज हम कुछ घंटो में पूरी कर लेते हैं उसे पूरी करने में हमे कई दिन लग जाते। हम आपको लिए आज कुछ ऐसे ही अविष्कारों की एक झलक लाए हैं जिन्होंने हमारी जिंदगी जिने का ढंग बदल दिया।
Automobile
दुनिया में सबसे पहले 1885 में कार्ल बेंज द्वारा गैसोलीन ये चलने वाला वाहन बनाया था। कार्ल बेंज पेश से कार इंजीनियर थे। आज ऑटोमोबाइल में हम जो भी प्रगति देख रहें हैं ये सब उन्हीं की देन हैं।
Refrigeration
रेफ्रीजरेटर का अविष्कार किसने किया इसके बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं हैं लेकिन रेफ्रीजरेटर आज हर घर में हैं यानी ये हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक हिस्सा बन चुका है। रेफ्रीजरेटर का सबसे मेन पार्ट होता है उसे ठंडा करने वाला सिस्टम जिसका अविष्कार ओलिवर इवोंस और कार्ल वॉन लिंडे ने किया गया है।
Light Bulb
बल्ब का अविष्कार करने थॉमस एडीशन को हर कोई जानता है क्योंकि हमारे स्कूल में की किताबों में थॉमस एडीशन का जिक्र किया गया है। आज थॉमस एडीशन की वजह से रात में भी दिन जैसा उजाला कर सकते हैं।
personal computer
पीसी हमारी लाइफ का एक अहम हिस्सा बन चुका है कालेज से लेकर स्कूलों में बिना कंप्यूटर के पढा़ई नहीं होती। आज हर काम ऑनलाइन हो जाता है धीरे धीरे गांवों में भी इंटरनेट का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। पीसी के लिए सबसे क्रांतिकारी अविष्कार दो लोगों को माना जाता है 1837 में चार्ल बैबेज ने कंप्यूटर इंजन बनाया था। लेकिन सबसे दुनियां में कंप्यूटर क्रांती लाने के लिए स्टीव वोज़िनिएक और स्टीफन जॉब्स का नाम लिया जाता है जिन्होंने 1976 में सबसे पहले उन्नत एप्पल कंप्यूटर सिस्टम बनाया था।
nuclearpower
दुनिया में सबसे परमाणु ऊर्जा का प्रयोग 20 वीं सदी में किया गया था। आज परमाणू उर्जा का प्रयोग कई देशों में उर्जा के एक बड़े श्रोत के रूप में हो रहा है। परमाणू उर्जा को भी दुनिया के सबसे बड़े अविष्कारों में माना जाता है।


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