15 साल की उम्र में बनाया खुद का 3डी प्रिंटर
अगर आपमें हौसला और अपने ऊपर विश्वास है तो दुनिया में कोई ऐसा काम नहीं जिसे आप नहीं कर सकते हैं। 15 साल के अंगद दरयानी भी कुछ ऐसे ही हैं। जब बच्चें अपने भविष्य की चिंता में दिन रात पढ़ाई करते हैं उस समय अंगद कुछ नया करने की सोंच रहे होते हैं। अंगद ने 9 वीं कक्षा के बाद स्कूल की पढ़ाई छोड़ दी।
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अंगद समाज के बनाए तौर तरीकों से हट कर काम करना चाहते थे, उन्होंने ऐसा किया भी जाहिर सी बात है समाज में रह रहे अंगद के माता पिता को इस बात का काफी दुख हुआ होगा लेकिन अंगद सभी बच्चों में से थोड़ा अलग था, ऐसा नहीं कि वो पढ़ाई में बेकार हो, अपनी क्लास के टॉप 3 बच्चों में आने वाला अंगद दरयानी का मानना था कि हम दिन भर स्कूल में वहीं सीखते हैं जो किताबों में होता है।
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अंगद के माता पिता भी इस बात को लेकर काफी चिंतित रहते थे, एक साल ऐसे ही बीत गया लेकिन फिर 15 साल के इस लड़के ने कुछ ऐसा कर दिखाया जिसे शायद कोई भी हैरान रह जाए।
अंगद ने अपना खुद का डिजाइन किया हुआ 3डी प्रिंटर बनाया। हालाकि 3डी प्रिंटर पहले भी बन चुके है लेकिन अंगद द्वारा बनाया गया 3डी प्रिंटर उनके कई गुना कम कीमत का है। इसे बनाने में केवल 15 से 18 हजार रुपए का खर्च आता है। अंगद का लक्ष्य साफ था ये प्रिंटर उन लोगों तक पहुंच सके जो मध्य वर्ग के हैं। इसके अलावा अंगद ने वर्चुअल ब्रेल लिपी प्रोजेक्ट पर पीएचडी के कुछ स्टूडेंट के साथ मिलकर काम कर रहे हैं जो नेत्रहीन लोगों को पीडीएफ और टेक्ट फाइल पढ़ने का जरिया मुहैया कराएगा। अंगर ने अपना पहला 3डी प्रिंटर मॉडल 13 साल की उम्र में लांच किया था।


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